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भाग 62 अठारहवाँ अध्याय श्लोक 18.73 से 18.77 । श्रीमद भागवत गीता जी ज्ञान यज्ञ की पूर्णता
Subject
श्रीमद्भगवद्गीता - भाग 62: अठारहवें अध्याय के श्लोक 18.73–18.77 - ज्ञानयज्ञ की पूर्णता
Overview
इस भाग में श्रीकृष्ण के उपदेश के बाद अर्जुन कहते हैं कि उनका मोह दूर हो गया है, वे संशयरहित हैं और श्रीकृष्ण की आज्ञा का पालन करेंगे। संजय इस अद्भुत संवाद और भगवान के दिव्य रूप का स्मरण करते हुए अपना विस्मय और आनंद व्यक्त करते हैं।
Key Topics Covered
श्रीकृष्ण की कृपा से अर्जुन का मोह दूर होना और ज्ञान की पुनः प्राप्ति
संशय मिटने पर अपने कर्तव्य के लिए अर्जुन की तत्परता
संजय द्वारा व्यासजी की कृपा से गीता-उपदेश सुनने का वर्णन
श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद तथा भगवान के अद्भुत रूप का स्मरण
ज्ञानयज्ञ के संदेश की पूर्णता और उसका आध्यात्मिक महत्व
Scriptural Reference
श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय 18, श्लोक 18.73–18.77
Language
Hindi
Presented by
Manish Tyagi
Bhagavad Gita
भाग 62 अठारहवाँ अध्याय श्लोक 18.73 से 18.77 । श्रीमद भागवत गीता जी ज्ञान यज्ञ की पूर्णता
श्रीमद भागवत गीता ज्ञान यज्ञ श्री राधा तत्व का चिंतन तथा श्रीमद भागवत गीता जी का अध्ययन, मनन और चिंतन - भाग 44 - तेहरवाँ अध्याय - श्लोक 13.6 से 13.23 तक…
Bhagavad Gita
भाग 44 तेहरवाँ अध्याय श्लोक 13.10 से 13.23 तक का चिंतन श्री राधा तत्व का चिंतन
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भाग 62 अठारहवाँ अध्याय श्लोक 18.73 से 18.77 । श्रीमद भागवत गीता जी ज्ञान यज्ञ की पूर्णता
Subject
श्रीमद्भगवद्गीता - भाग 62: अठारहवें अध्याय के श्लोक 18.73–18.77 - ज्ञानयज्ञ की पूर्णता
Overview
इस भाग में श्रीकृष्ण के उपदेश के बाद अर्जुन कहते हैं कि उनका मोह दूर हो गया है, वे संशयरहित हैं और श्रीकृष्ण की आज्ञा का पालन करेंगे। संजय इस अद्भुत संवाद और भगवान के दिव्य रूप का स्मरण करते हुए अपना विस्मय और आनंद व्यक्त करते हैं।
Key Topics Covered
श्रीकृष्ण की कृपा से अर्जुन का मोह दूर होना और ज्ञान की पुनः प्राप्ति
संशय मिटने पर अपने कर्तव्य के लिए अर्जुन की तत्परता
संजय द्वारा व्यासजी की कृपा से गीता-उपदेश सुनने का वर्णन
श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद तथा भगवान के अद्भुत रूप का स्मरण
ज्ञानयज्ञ के संदेश की पूर्णता और उसका आध्यात्मिक महत्व
Scriptural Reference
श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय 18, श्लोक 18.73–18.77
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Hindi
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भाग 62 अठारहवाँ अध्याय श्लोक 18.73 से 18.77 । श्रीमद भागवत गीता जी ज्ञान यज्ञ की पूर्णता
श्रीमद भागवत गीता ज्ञान यज्ञ श्री राधा तत्व का चिंतन तथा श्रीमद भागवत गीता जी का अध्ययन, मनन और चिंतन - भाग 44 - तेहरवाँ अध्याय - श्लोक 13.6 से 13.23 तक…
Bhagavad Gita
भाग 44 तेहरवाँ अध्याय श्लोक 13.10 से 13.23 तक का चिंतन श्री राधा तत्व का चिंतन