Day 3 श्री राम चरित मानस सुंदरकांड प्रत्येक दोहे चौपाई छंद की व्याख्या 2021 05 01 07 59 42
श्रीरामचरितमानस
पञ्चम सोपान – सुन्दरकाण्ड
सिंधु तीर एक भूधर सुंदर। कौतुक कूदि चढ़ेउ ता ऊपर॥
बार-बार रघुबीर सँभारी। तरकेउ पवनतनय बल भारी॥
से
नाना तरु फल फूल सुहाए। खग मृग बृंद देखि मन भाए॥
तक की विस्तृत व्याख्या