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श्री हिन्दू धर्म वैदिक एजुकेशन फॉउण्डेशन एक गैरवाणिजियक, धर्मार्थ संस्था है,जिसका गठन वर्त्तमान समय में सनातन धर्म में व्याप्त अज्ञान और त्रुटियों को दूर कर धर्म के विस्तार और विकास के लिए किया गया है…

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    अक्षर ब्रह्म – पर ब्रह्म – परमात्मा

    7th December 2023 / 703 Comments

    अक्षर ब्रह्म – पर ब्रह्म – परमात्मा सनातन धर्म में ‘ब्रह्म’ की अवधारणा उस

    वन्दे मातरम् महामन्त्र का विरोध क्यों? क्या जननी जन्मभूमि के प्रति प्रेम और श्रद्धा प्रदर्शित करना धार्मिक आस्थाओं के विरुद्ध हो सकता है ?

    16th August 2021 / 158 Comments

    वन्दे मातरम् महामन्त्र का विरोध क्यों? क्या जननी जन्मभूमि के प्रति प्रेम और श्रद्धा प्रदर्शित करना

    नित्य एवं नैमित्तिक देवताओं में क्या अंतर है ?

    17th March 2021 / 143 Comments

    सनातन धर्म शास्त्रों में नित्य देवता ओर नैमित्तिक देवता दो प्रकार के देवता कहे गये हैं।   नित्य देवता वे

    माँ सरस्वती कवच

    16th February 2021 / 160 Comments

    माँ सरस्वती कवच (महर्षि भृगु – ब्रह्मा जी संवाद, ब्रह्मवैवर्त पुराण, प्रकृतिखण्ड: अध्याय 4) श्रणु वत्स

    श्रीमद वाल्मीकि रामायण में वर्णित बालि, सुग्रीव अंगद, श्री हनुमान इत्यादि वानर अर्थात बन्दर थे अथवा वन अर्थात जंगल में रहने वाले आदिवासी थे?

    2nd June 2019 / 179 Comments

    यह एक नई भ्रान्ति समाज में व्याप्त है। कुछ बुद्धिमान व्यक्तियों का मत है की यह सब वन+नर अर्थात वन में वास

    यह कैसे संभव है कि समस्त देवता कश्यप मुनि के पुत्र हैं? क्या कश्यप मुनि देवता थे या साधारण मनुष्य? उन्होंने दूसरे जीवों को भी कैसे जन्म दिया?

    28th February 2019 / 198 Comments

    यह सवाल हमारे बंधु श्री Sayanha Kshtri द्वारा पूछा गया था। सायनहा जी सवाल पूछने के लिए धन्यवाद और विलम्ब

    विराट शरीर की उत्पत्ति तथा विराट शरीर से वर्णों की उत्पत्ति। क्या शूद्र वर्ण को हिन्दू धर्म तुच्छ मानता है?

    28th February 2019 / 194 Comments

    सर्वशक्तिमान भगवान ने जब देखा की आपस में संगठित ना होने कारण मेरी महत्व आदि शक्तियाँ विश्व रचना में

    यक्ष, राक्षसों, असुरों, पितरों, सर्प, किन्नरों और किम्पपुरुषों की उत्पत्ति

    28th February 2019 / 219 Comments

    ब्रह्मांड के गर्भरूपी जल में निवास करने वाले श्री भगवान ने ब्रह्माजी के अंत:करण में प्रवेश किया और

    दशग्रीव का नाम ‘रावण’ कैसे पड़ा ? रावण ने शिव तांडव स्त्रोत्र की रचना कब और क्यों की ?

    28th February 2019 / 217 Comments

    रावण ऋषि विश्रवा और कैकसी का पुत्र था। जन्म के समय उसकी शर्रीरिक बनावट अत्यंत विकराल थी, उसके दस मस्तक,

    जय श्री राम

    28th February 2019 / 243 Comments

    श्री राम शरणम् समस्तजगतां, राम विना का गति। रामेण प्रतिहन्ते कलिमलं, रामाय कार्यं नम:। रामात त्रस्यति

    श्रीमदवाल्मीकि रामायण में शम्बूक वध प्रसंग तथा सनातन धर्म और प्रभु श्री राम की निंदा के लिए इसका राजनीतिकरण

    28th February 2019 / 9 Comments

    श्रीमदवाल्मीकि रामायण के उत्तर कांड में वर्णित शम्बूक वध प्रसंग का सर्वाधिक राजनीतिकरण किया गया है।

    श्री राम यदि स्वयं श्री विष्णु भगवान के अवतार थे और आदि अनन्त सबके ज्ञाता थे तो उन्होंने लंका विजय के पश्चात सीता जी की अग्नि परीक्षा क्यों करवाई? प्रभु श्री राम को रावण का वध करने के लिए सीता का हरण करवाने की क्या आवश्यकता थी ?

    28th February 2019 / 7 Comments

    यह विवादित प्रश्न सदैव अधर्मियों, विधर्मियों तथा कुधर्मियों द्वारा श्री राम की निंदा करने तथा हिन्दू धर्म

    यदि श्री राम सेतु स्वयं भगवान राम ने बनवाया था और समुद्र देवता ने उसको बनवाने में सहयोग दिया था तो वह खंडित कैसे हो गया? Google map पर भी राम सेतु खंडित नज़र आता है। स्वयं सृष्टि के पालनहार द्वारा बनवाया हुआ पुल कैसे टूट सकता है?

    28th February 2019 / 8 Comments

    सर्वप्रथम हमारे बंधु श्री अमरीश तिवारी जी का धन्यवाद जिन्होंने अति उत्तम, रोचक और ज्ञानवर्धक सवाल पूछा।

    शिवालय रहस्य – शिव मंदिर में स्तिथ – नंदी जी , कूर्म, गणेश जी, हनुमान जी, बिल्व पत्र, जलधारा की महत्वता

    28th February 2019 / 6 Comments

    भगवान् शिव के मंदिर भारतवर्ष के प्राय: प्रत्येक गाँव, शहर या ये कहें की प्रत्येक मार्ग पर पाए जातें हैं

    भगवान् शिव कौन हैं ?

    28th February 2019 / 10 Comments

    शेते तिष्ठति सर्वं जगत यास्मिन स: शिव:शम्भु: विकाररहित:। जिसमे सारा संसार शयन करता है, जो विकार रहित हैं

    भगवान् शिव के विभिन्न स्वरूपों का ध्यान

    28th February 2019 / 10 Comments

    ll ॐ नमः शम्भवाय च l मयोभवाय च l नमः शङ्कराय च l मयस्कराय च l नमः शिवाय च l शिवतराय च ll   ll

    ॥ श्रीरुद्राष्टकम् ॥

    28th February 2019 / 9 Comments

    नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं

    श्री शिव पञ्चाक्षरस्तोत्रम

    28th February 2019 / 9 Comments

    ॐ नम: शिवाय नागेन्द्राहाय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय। a नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै

    शिव शम्भु स्मरण- स्तवन

    28th February 2019 / 8 Comments

    भगवान् शिव को नमस्कार १ ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शङ्कराय च मयस्कराय च नमः शिव च शिवतराय च। कल्याण

    पार्वती जी का नाम उमा कैसे पड़ा? पूजा के समय फूलों के साथ अशोक वृक्ष की पत्तियों का उपयोग पूजा के लिए या बंधनहार के रूप में क्यों किया जाता है?

    28th February 2019 / 6 Comments

    कश्यप ऋषि के कहने पर गिरिराज हिमालय ने ब्रह्मा जी की करोर तपस्या की। तपस्या से प्रसन्न हो कर ब्रह्मा जी

    भगवान शिवजी को ‘पशुपति’ और ‘त्रिपुरारि’ क्यों कहा जाता है?

    28th February 2019 / 5 Comments

    जब शिवनंदन श्री कार्तिकेय स्वामी जिन्हें स्कन्द भी कहा जाता है ने तारकासुर का वध कर दिया तो उसके तीनों

    शिवलिंग क्या है? शिवजी की पूजा मूर्ति और लिंग रूप में क्यों होती है?

    28th February 2019 / 6 Comments

    लिंग शब्द का अर्थ है चिन्ह, प्रतीक। भगवान शिव क्योंकि परमपिता परमात्मा के अंश है और स्वयं ब्रह्मस्वरूप

    श्रीमदवाल्मीकि रामायण – ज्ञान माला – अरण्यकाण्ड

    27th February 2019 / 24 Comments

    १. सुलभा पुरुषा राजन सततं प्रियवादिन:। अप्रियस्य च पथ्यसय वक्ता श्रोता च दुर्लभ: ।। सदा प्रिय वचन बोलने

    श्रीमदभगवत महापुराण – वैवाहरिक ज्ञान माला

    27th February 2019 / 6 Comments

    १ न तद्दानं प्रशसन्ति येन वृतिविृपद्यते। दानं यज्ञस्तप: कर्म कोले वृत्तिमतो यत:।। (८। १९। ३६ ) विद्वान

    हमारे देश का नाम भारतवर्ष कैसे पड़ा?

    27th February 2019 / 6 Comments

    पूर्व काल में भारत वर्ष को अभाजन खंड कहा जाता था । श्री भगवान के आठवें अवतार श्री ऋषभ देव के पुत्रों में

    प्रभु नाम जप का क्या फल है ? क्या किसी विशेष भगवान या सहस्त्र नाम के जप से ही उचित फल मिलता है? क्या संकीर्तन केवल मंडली में या ऊँची आवाज़ में ही सफल होता है ? क्या प्रभु नाम का जप केवल १०८ मनके की माला के साथ ही किया जाना चाहिए?

    27th February 2019 / 7 Comments

    जो मनुष्य अपने पापों का क्षय करके इस संसार सागर से पार जाना चाहते हैं उन्हें तमोगुणीऔर रजोगुणी भूपतियों

    श्री भगवान के 24 अवतार

    27th February 2019 / 7 Comments

    श्री परम पिता परमात्मा का दिव्या पुरुष रूप जिसे श्री नारायण कहते हैं अनेक अवतारों का अक्षय कोष हैं ।

    परमपिता परमात्मा द्वारा देवताओं की उत्पत्ति

    27th February 2019 / 6 Comments

    सृष्टि के आरम्भ में श्री भगवान ने देखा की सम्पूर्ण विश्व जल, वायु, तेज़ आदि तत्वों से विहीन है। जगत को इस

    श्री भगवान कौन हैं ?

    27th February 2019 / 6 Comments

    श्री भगवान सारे जगत की उत्पत्ति का आधार हैं। वह ही जगत के ईश्वर अर्थात जगदीश्वर हैं। उनको विभिन्न नामों

    भक्तियोग और भक्तों के विभिन्न प्रकार

    27th February 2019 / 5 Comments

    साधकों के भाव के अनुसार भक्तियोग का अनेक प्रकार से प्रकाश होता है, क्योंकि भक्त के स्वाभाव और गुणों के

    ब्रह्मा जी द्वारा १० प्रकार की सृष्टि की रचना

    27th February 2019 / 7 Comments

    श्री भगवान द्वारा सृष्टि के कार्य में नियुक्त ब्रह्माजी कमलकोष में प्रवेश किया और उसके ही भू:, भव:, और

    ब्रह्मा जी की पूजा, व्रत, यज्ञ आदि क्यों नहीं होते ?

    27th February 2019 / 8 Comments

    ब्रह्मा जी के सृष्टि की रचना के कृत्य में सबसे पहले, ब्रह्मा जी के मन से चार कुमार प्रकट हुए, जो पाँच

    बलिवैश्वदेव और पञ्चमहायज्ञ की क्या व्याख्या है? क्या हिन्दू यज्ञों में पशुओं की बलि देने का विधान है ? क्या यज्ञ और हवन केवल वायुशुद्धि के लिए किये जाते हैं?

    27th February 2019 / 6 Comments

    हिन्दू धर्म में यज्ञ एवं नित्य कर्म में पशुओं “को” बलिभाग देने का विधान है, पशुओं

    हिन्दुओं द्वारा मूर्ति पूजा, ईश्वर की साकार रूप में उपासना सही है या गलत ? क्या हिंदु पत्थर या धातु की पूजा करते हैं ? क्या हिंदू बुतपरस्त हैं ?

    27th February 2019 / 7 Comments

    हम इस विषय में हम अनेकों बार अपने विचार रख चुके हैं परन्तु हिंदु धर्म में साकार और निराकार उपासकों के

    क्या हिन्दू धर्म में भगवान प्राप्ति का उपाय केवल प्रतिमा पूजन है? समस्त प्राणियों में कौन श्रेष्ठ है? हिंदु प्रणाम क्यों करते हैं?

    27th February 2019 / 7 Comments

    परमात्मा का वास्तविक स्वरूप एकरस, शांत, अभय एवं केवल ज्ञानस्वरूप है। वह सत् और असत् दोनो से परे है। समस्त

    श्रीमदभागवत गीता को सम्पूर्ण ग्रन्थ क्यों कहा जाता है ?

    27th February 2019 / 6 Comments

     गीता पूर्ण ज्ञानकी गङ्गा है, गीता अमृतरस की ओजस धारा है। गीता इस दुष्कर संसार सागर से पार उतरनेके लिये

    चतु:श्लोकी भागवत

    27th February 2019 / 5 Comments

    ब्रह्माजी जी भगवान नारायण की स्तुति के पश्च्यात उनसे उनके सगुण एवं निर्गुण रूपों तथा उनके मर्म को जानने

    महाभारत को पांचवां वेद क्यों कहा जाता है ?

    27th February 2019 / 9 Comments

    महाभारत को महाकाव्य या इतिहास ग्रन्थ भी कहा जाता है परन्तु वस्तुतः यह एक धर्मकोश है; जिनमे तत्कालीन

    प्रत्येक वेद में कौन सा विशेष गुण है, जो एक को दूसरे से पृथक् करता है, और जिसके कारण वेदों का विशेष महत्व स्थापित हुआ है ?

    27th February 2019 / 9 Comments

    वास्तव में चारों वेद मिलकर एक ही वेद राशि है। जिस प्रकार सिर, हाथ, पेट और पांव मिलकर शरीर बनता है; किन्तु

    पुराण शास्त्र

    27th February 2019 / 5 Comments

    दर्शन शास्त्र, स्मृति शास्त्र आदि की तरह पुराण शास्त्र भी उपयोगी शास्त्र हैं क्योंकि वेदों में जिन तत्वों

    स्मृति शास्त्र

    27th February 2019 / 8 Comments

    वैदिक तत्वों को स्मरण करके पूज्य महर्षियों ने मानव कल्याण के लिए जिन ग्रन्थों की रचना की उन्हें

    दर्शन शास्त्र

    27th February 2019 / 7 Comments

    आध्यात्म उन्नति के सात क्रम हैं उन्ही सात कर्मो के अनुसार वैदिक धर्म शास्त्रों को भी पूज्य महर्षियों ने

    उपवेद

    27th February 2019 / 38 Comments

    जिस प्रकार लौकिक पुरुषार्थयुक्त योग, साधनयुक्त उपासना और वैदिक कर्म परम्परा रूप से मुक्तिपद की प्राप्ति

    वेदांग

    27th February 2019 / 27 Comments

    वेदों में वर्णित अर्थ को बिना किसी सहायता के समझना अत्यंत कठिन कार्य है। जिस प्रकार साधारण व्याकरण एवं

    वेद – भाग २

    27th February 2019 / 20 Comments

    वेदों की भाषा वेदों के भाग वेदों का विभाजन और वेदों की शाखाएँ वेदों का संक्षिप्त वर्णन   वेदों की भाषा  

    वेद – भाग १

    27th February 2019 / 24 Comments

    वेद क्या हैं? वेदों के कर्ता कौन हैं ? वेदों के प्रकार वेद कब लिखे गए थे? वेदों को पूर्ण क्यों माना जाता

    क्या हिन्दुओं को सांप्रदायिक कहना उचित है? क्या हिन्दू धर्म साम्प्रदायिकता को बढ़ावा देता है?

    27th February 2019 / 4 Comments

    अत्यंत दुःख का विषय है की आजकल शास्त्र विहीन देश के नेता कहलाने वाले कुछ लोग केवल अपनी संकीर्ण मानसिकता

    हिन्दू अपने घर में प्रतिदिन दीप क्यों प्रज्वल्लित करते हैं ? हिन्दू धर्म में भगवान् की उपासना दीप प्रज्वल्लित करके ही क्यों की जाती है ?

    27th February 2019 / 6 Comments

    समस्त सनातन धर्मियों के गृह में प्रातः और सांय काल में दीप प्रज्वल्लित करने की प्रथा है। किसी भी मांगलिक

    हिन्दू सनातन धर्म में विवाह की क्या मान्यता है? विवाह से पूर्व कन्या पक्ष द्वारा वर का पूजन क्यों किया जाता है ?

    27th February 2019 / 5 Comments

    हिन्दू सनातन धर्म में विवाह संस्कार सर्वोपरि महत्व का है। विवाह के उपरान्त ही ब्रह्मचर्य आश्रम की पूर्णता

    हिन्दू सभ्यता में ‘अतिथि देवो भव:’ की संतुती क्यों की गयी है? अतिथि को देवतुल्य क्यों माना जाता है? अतिथि की क्या परिभाषा है ?

    27th February 2019 / 5 Comments

    मनुस्मृति में कहा गया है : संपराप्ताय त्वतीथये प्र्द्द्यादासनोदके। अन्न चैव यथाशक्ति सत्कृत्य

    संतान उत्पत्ति के छठे, इक्कीसवें और अन्नप्राशन से समय पूजा क्यों की जाती है ?

    27th February 2019 / 5 Comments

    संतान के जन्म के छठे, इक्कीसवें दिन तथा अन्नप्राशन के समय षष्ठी देवी की पूजा करने का विधान है। देवी षष्ठी

    हिन्दू धर्म में यज्ञ, हवन आदि कर्मों में दक्षिणा का प्रावधान क्यों है? कर्म सिद्धि के बाद दक्षिणा क्यों दी जाती है?

    27th February 2019 / 7 Comments

    दक्षिणा यज्ञ की भार्या हैं। जैसे अग्नि की भार्या स्वाहा हैं (इसीलिए मंत्रौच्चार के बाद अग्नि को आहुति

    क्या हिन्दू धर्म हिंसा में विश्वास रखता है?

    27th February 2019 / 5 Comments

    हिन्दू धर्म में सभी प्राणियों में ईश्वर का सूक्ष्म अंश आत्मा के रूप में माना गया है जिनके जनक स्वयं श्री

    श्राद्ध कर्म – भाग २ 

    27th February 2019 / 8 Comments

    श्राद्ध कर्म – भाग २ श्राद्ध में काल का विचार क्यों किया जाता है तथा श्राद्ध केवल कृष्ण पक्ष

    श्राद्ध तर्पण क्यों किया जाता है? क्या श्राद्ध तर्पण वेद सम्मत नहीं है? पिंड दान या ब्रह्मभोज के द्वारा अर्पित किया हुआ अन्न और जल पितरों तक कैसे पहुँचता है ?

    27th February 2019 / 6 Comments

    श्राद्ध तर्पण के विषय में भी अनेकों भ्रांतियां विद्यमान है। इस विषय में निम्न प्रश्नो के द्वारा यह

    विभिन्न पुराणों में अलग अलग देवता को सर्वोपरि बताने का क्या कारण है? क्या इसका कारण एक इष्ट देव को दूसरे से श्रेष्ठ या निम्न दिखाना है?

    27th February 2019 / 6 Comments

    विभिन्न पुराणों में अलग अलग देवता को सर्वोपरि बताने का क्या कारण है? क्या इसका कारण एक इष्ट देव को दूसरे

    यदि हिंदु धर्म में मंदिर को पवित्र, भगवान् का घर माना जाता है तो हिन्दू मंदिरों (विशेषकर पुराने मंदिरों) पर कामकला के अनेक चित्र क्यों पाए जाते हैं?

    27th February 2019 / 7 Comments

    यह प्रश्न हमें श्री Ainsley Strom (ऑस्ट्रेलिया) द्वारा हमारे english page पर प्राप्त हुआ जिसका उत्तर हमने

    अहिंसा परमो धर्म: का सिद्धांत क्या हिन्दुओं को अहिंसक बनने और किसी भी परिस्थिति में हथियार उठाने को प्रतिबंधित करता है ? क्या हिन्दू धर्म ग्रन्थ यह अनुमोदन करते हैं की युद्ध की अवस्था में भी अहिंसा को ही अपना परम धर्म मानना चाहिए ?

    27th February 2019 / 12 Comments

    महाभारत में अनेकों जगह अहिंसा परमो धर्म: या हिंसा ना करने का उपदेश दिया गया है। परन्तु यह अनुमोदन कदापि

    धर्म की क्या परिभाषा है? सनातन धर्म क्या है? क्या तर्कों द्वारा धर्म पर प्रश्न चिन्ह लगाना उचित है ?

    27th February 2019 / 7 Comments

     इस विषय के प्रश्न के उत्तर देते समय हमें महाभारत के अनुसाशन पर्व के दानधर्म पर्व का स्मरण आता है जिसमे

    सवाल – अधर्म और धर्म का – निर्णय आपका !!!

    27th February 2019 / 5 Comments

    हमारे एक बंधु ने हमसे एक सवाल पूछा की क्या सुलेमान रिज़वी के द्वारा लिखे गए लेखों में जोकि

    धर्म और अधर्म के क्या लक्षण हैं? अधर्म पर किस प्रकार विजय पायी जा सकती है?

    27th February 2019 / 4 Comments

    शास्त्रों में धर्म के तीस लक्षण कहे गए हैं। इन लक्षणो का विचार तथा आचरण सभी मनुष्यों का परम धर्म है ।

    नित्य एवं नैमित्तिक देवताओं में क्या अंतर है ?

    27th February 2019 / 8 Comments

    सनातन धर्म शास्त्रों में नित्य देवता ओर नैमित्तिक देवता दो प्रकार के देवता कहे गये हैं।   नित्य देवता वे

    हिन्दू धर्म में कितने देवता हैं ? 33 प्रकार के, 33 करोड़, 33,33,333 या फिर 33,333? इन सब गणनाओं का स्रोत क्या है?

    27th February 2019 / 5 Comments

    यह एक विवादित प्रश्न है जिसके बारे में ज्ञान का सर्वथा अभाव पिछले कुछ वर्षो तक था। वर्तमान काल में समाज

    क्या हिंदू धर्म भगवान शिव और विष्णु में भेद करता है? क्या शैव और वैष्णव हिंदू होते हुए भी अलग अलग संप्रदाय हैं?

    27th February 2019 / 5 Comments

    हमारे बंधु श्री राजन जौहर जी को साधुवाद जिन्होने अति महत्वपूर्ण सवाल पूछा: भक्ति और भक्तों के प्रसंग में

    कीलक स्तोत्र का महत्त्व । क्या कीलक स्तोत्र का पाठ हानिकारक हो सकता है ?

    27th February 2019 / 5 Comments

    श्री दुर्गा सप्तशती के पाठ में अर्गला स्तोत्र के उपरान्त ‘कीलक”स्तोत्र का पाठ किया जाता है।

    ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे – महामंत्र का अर्थ

    27th February 2019 / 22 Comments

    इस मन्त्र को नवार्ण मंत्र भी कहा जाता है जो देवी भक्तों में सबसे प्रशस्त मंत्र माना गया है। इस मन्त्र के

    जय माता दी

    27th February 2019 / 18 Comments

    जगन्मार्तातस्तव चरण सेवा न रचिता न वा दत्तं देवि द्रविणमपि भूयस्तव मया। तथापि त्वं स्नेहं मयि निरुपमं

    श्री दुर्गा माता – दुर्गनाशन स्तोत्र

    27th February 2019 / 6 Comments

    श्री कृष्ण कृत त्वमेव सर्वजननी मूलप्रकृतिरीश्वरी । त्वमेवाद्या सृष्टिविधौ स्वेच्छया त्रिगुणात्मिका ।। हे

    श्री दुर्गा सप्तश्लोकी

    27th February 2019 / 5 Comments

    1. ज्ञानिनामपि चेतांसि देवि भगवती हि सा । बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति ॥1॥ वे भगवती महामाया देवी

    सनातन धर्म में नवरात्रों की समाप्ति पर ९ कन्याओं का पूजन क्यों किया जाता है ?

    27th February 2019 / 7 Comments

    सनातन धर्म में वर्ष में दो बार – शरत काल तथा वसंत काल के नवरात्रों में माता जगदम्बा की पूजा का

    देवी की अन्य शक्तियों ‘काली’, ‘ब्राह्मणी’, ‘माहेश्वरी’, ‘वैष्णवी’, ‘कौमारी’, ‘वाराही’, ‘नरसिंहि’ तथा ‘ऐंद्रि’ का प्रादुर्भाव तथा धूम्रलोचन, रक्तबीज, शुम्भ निशुम्भ सहित समस्त दैत्य सेना का वध

    27th February 2019 / 4 Comments

    महिषासुर तथा उसकी सेना के वध के पश्चात इंद्र आदि देवताओं ने भगवती दुर्गा का उत्तम वचनों द्वारा सत्वन किया

    देवताओं के तेज़ से देवी भगवती का प्रादुर्भाव तथा महिषासुर का वध

    27th February 2019 / 5 Comments

    पूर्वकाल में देवताओं तथा असुरों में पूरे सौ वर्षों तक बड़ा भयंकर युद्ध हुआ। उसमें असुरों का स्वामी

    देवी भगवती दुर्गा जी के सोलह नामों की व्याख्या

    27th February 2019 / 9 Comments

    वेद के कौथिमि शाखा में जो दुर्गा, नारायणी, ईशाना, विष्णुमाया, शिवा, सती, नित्या, सत्या, भगवती, सर्वाणी,

    बुरा न मानो होली है !!!

    27th February 2019 / 6 Comments

    भक्ति, प्रेम, रंग, हास्य, व्यंग, मनोविनोद तथा हर्षोउल्लास के पर्व होली की आपको व् आपके परिवार, मित्रों,

    शुभ एवं मंगलदायक मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनायें ।

    27th February 2019 / 5 Comments

    आपको व आपके परिवार, सहृदयों व् मित्रों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनायें । सूर्यदेव उत्तरायण में