माता सरस्वती प्राकट्योत्सव वसंत पंचमी की आप सभी को शुभकामनाएं श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा www.shdvef.comRead more
यत्कीर्तनं यत्स्मरणं यद्दर्शनं यत्वंदनं यदर्हणम्। लोकस्य सद्यो विधुनोति कल्मषं तस्मयै सुभद्रश्रवसे नमो नमः ॥ जिनका कीर्तन, स्मरण, वंदन, श्रवण तथा पूजन जीवों के समस्त पापों का तत्काल विनाश कर देता है, उन…Read more
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥ राम- नाम ‘विष्णु सहस्त्रनाम’ के समान हैं। मैं सदा रामका स्तवन करता हूं और राम-नाममें ही रमण करता हूं । परमेश्वर…Read more
नमस्ते वासुदेवाय सर्वभूतक्षयाय च। हृषीकेश नमस्तुभ्यं प्रपन्नं पाहि मां प्रभो॥ हे प्रभो ! आप ही वासुदेव, आप ही समस्त जीवों के आश्रय हैं तथा आप ही बुद्धि और मन के अधिष्ठात्र देवता…Read more
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके । शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥ नारायणी! आप सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली, मंगलमयी हो । कल्याणदायिनी शिवा हो । सब पुरुषार्थों को सिद्ध करने…Read more