Day10 श्री राम चरित मानस सुंदरकांड प्रत्येक दोहे चौपाई छंद की व्याख्या 2021 05 23 08 10 03
श्रीरामचरितमानस
पञ्चम सोपान – सुन्दरकाण्ड
दसवां दिन
ब्रह्मबान कपि कहुँ तेहि मारा। परतिहुँ बार कटकु संघारा।।
तेहि देखा कपि मुरुछित भयऊ। नागपास बाँधेसि लै गयऊ।।
से
सब कें देह परम प्रिय स्वामी। मारहिं मोहि कुमारग गामी।।
जिन्ह मोहि मारा ते मैं मारे। तेहि पर बाँधेउ तनयँ तुम्हारे।।
तक की विस्तृत व्याख्या