श्रीमद वाल्मीकि रामायण कथा – Day 4 अयोध्या काण्ड – श्री राम का चित्रकूट से प्रस्थान से अरण्यकाण्ड – श्री राम द्वारा जटायु देह संस्कार तक की कथाRead more
श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपान – सुन्दरकाण्ड अठारहवां दिन विनय न मानत जलधि जड़, गए तीनि दिन बीति। बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति। से पूर्णता तक की विस्तृत व्याख्याRead more
श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपान – सुन्दरकाण्ड पंद्रहवां दिन सचिव बैद गुर तीनि जौं प्रिय बोलहिं भय आस राज धर्म तन तीनि कर होइ बेगिहीं नास॥37॥ से मम पुर बसि तपसिन्ह पर प्रीती। सठ…Read more
श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपान – सुन्दरकाण्ड चौदहवां दिन कहु कपि रावन पालित लंका। केहि बिधि दहेउ दुर्ग अति बंका॥ से जितेहु सुरासुर तब श्रम नाहीं। नर बानर केहि लेखे माहीं॥5॥ तक की विस्तृत…Read more
श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपान – सुन्दरकाण्ड तेरहवां दिन राम कपिन्ह जब आवत देखा। किएँ काजु मन हरष बिसेषा॥ फटिक सिला बैठे द्वौ भाई। परे सकल कपि चरनन्हि जाई॥ से सावधान मन करि पुनि…Read more