शिवजी के सम्बन्ध में अनेक मत क्यों पाए जाते हैं ? क्या शिव जी को केवल संहारक कहना उचित हैं? शिव जी द्वारा धारण किए गए विभिन्न चिन्हों का क्या महत्त्व है?…Read more
महाशिवरात्रि पर्व क्यों मनाया जाता है ? ब्रह्मा जी की पूजा इत्यादि क्यों नहीं होती ? केतकी पुष्प का प्रयोग शिव जी की पूजा अर्चना में क्यों वर्जित है ? भूतभावन भगवान…Read more
माता सरस्वती प्राकट्योत्सव वसंत पंचमी की आप सभी को शुभकामनाएं श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा www.shdvef.comRead more
यत्कीर्तनं यत्स्मरणं यद्दर्शनं यत्वंदनं यदर्हणम्। लोकस्य सद्यो विधुनोति कल्मषं तस्मयै सुभद्रश्रवसे नमो नमः ॥ जिनका कीर्तन, स्मरण, वंदन, श्रवण तथा पूजन जीवों के समस्त पापों का तत्काल विनाश कर देता है, उन…Read more
नमस्ते वासुदेवाय सर्वभूतक्षयाय च। हृषीकेश नमस्तुभ्यं प्रपन्नं पाहि मां प्रभो॥ हे प्रभो ! आप ही वासुदेव, आप ही समस्त जीवों के आश्रय हैं तथा आप ही बुद्धि और मन के अधिष्ठात्र देवता…Read more
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके । शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥ नारायणी! आप सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली, मंगलमयी हो । कल्याणदायिनी शिवा हो । सब पुरुषार्थों को सिद्ध करने…Read more
ॐ नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम । पुरुषायादिबीजाय परेशायाभिधीमहि ॥ जो जगत के मूल कारण हैं और सब मनुष्यों में आत्मा रूप से विराजमान हैं और समस्त जगत के स्वामी हैं। जिनके…Read more