श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपान – सुन्दरकाण्ड छठा दिन पुनि सब कथा बिभीषन कही। जेहि बिधि जनकसुता तहँ रही।। तब हनुमंत कहा सुनु भ्राता। देखी चहउँ जानकी माता।। से चंद्रहास हरु मम परितापं। रघुपति…Read more
श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपान – सुन्दरकाण्ड सैल बिसाल देखि एक आगें। ता पर धाइ चढ़ेउ भय त्यागें॥ से तात स्वर्ग अपबर्ग सुख धरिअ तुला एक अंग। तूल न ताहि सकल मिलि जो सुख…Read more
श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपान – सुन्दरकाण्ड सिंधु तीर एक भूधर सुंदर। कौतुक कूदि चढ़ेउ ता ऊपर॥ बार-बार रघुबीर सँभारी। तरकेउ पवनतनय बल भारी॥ से नाना तरु फल फूल सुहाए। खग मृग बृंद देखि…Read more
शिवलिंग पर दूध, दही, शहद इत्यादि क्यों चढ़ाना चाहिए? आज की हम अत्यंत ही विवादित प्रश्न तथा शिव भक्तों, हिन्दू समाज की आस्थाओं को चल्लांगे करने वाले प्रश्न शिवलिंग पर दूध, दही,…Read more
क्या शिवलिंग पर अर्पित नैवेद्य को ग्रहण किया जा सकता है ? यह भ्रम भी समाज में विद्यमान है कुछ महापुरुष शिवालय तो जाते हैं परन्तु अनभिज्ञता के कारण शिवालय से प्राप्त…Read more
शिवालय रहस्य – विभिन्न चिन्हों की महत्वता शिव मंदिर में नंदी, कूर्म, गणेश जी, हनुमान जी, जलधारा आदि क्यों पाए जाते हैं भगवान् शिव के मंदिर भारतवर्ष के प्राय: प्रत्येक गाँव, शहर…Read more
शिवलिंग क्या है? केवल शिवजी की ही पूजा मूर्ति और लिंग रूप में क्यों की जाती है? लिंग शब्द का अर्थ है चिन्ह, प्रतीक। भगवान शिव क्योंकि परमपिता परमात्मा है और स्वयं…Read more
शिव जी को परब्रह्म तथा परमात्मा क्यों कहा जाता है ? परमात्म शिव के जागतिक कृत्य क्या हैं पर ब्रह्म भी शिव हैं तथा परमात्मा भी शिव हैं। शिवमहापुराण में आदि अन्त…Read more